Government Polytechnic Lohaghat

प्राविधिक शिक्षा का उद्देश्य देश में एक तकनीकी कुशल वर्ग तैयार करना रहा है । यह एक सामान्य परम्परागत शिक्षा से हट कर विशिष्ट शैली की शिक्षा पद्धति है । इस क्रम में उच्चतर स्तर पर इंजीनियरिंग कॉलेज व माध्यम स्तर पर पॉलीटेक्निक संस्थाएं आती हैं । परम्परागत शिक्षा जहाँ आज के तकनीकी युग में युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने में कुछ हद तक ही कामयाब रही है वहीं तकनीकी शिक्षा प्राप्त युवा किसी नौकरी का मोहताज नहीं होता है और अपना रोजगार प्रारम्भ कर स्वावलम्बन का एक आधार तैयार कर सकता है ।

इसी उद्देश्य के दृष्टिगत भारत सरकार व तदनुसार राज्य सरकारों ने तकनीकी संस्थाओं का संगठन तैयार किया है और इसी परिपेक्ष्य में उत्तराखण्इ सरकार के अन्तर्गत प्राविधिक शिक्षा का एक प्रमुख संस्था राजकीय पालीटेक्निक लोहाघाट है । इस संस्था का शुभारम्भ 1975 अक्टूबर माह में सीमान्त जनपद पिथौरागढ़ के फर्नहिल नाम के स्थित किराये के भवनों में हुआ। आरम्भ में इस संस्था में त्रिवर्षीय डिप्लोमा सिविल अभियन्त्रण तथा द्विवर्षीय स्टैनोग्राफी एण्ड सेकेट्रियल प्रेक्टिस डिप्लोमा पाट्यक्रम 30-30 प्रवेश क्षमता के साथ प्रारम्भ किये गये। सत्र 1984-85 से संस्था में त्रिवर्षीय विद्युत अभियंत्रण डिप्लोमा पाठ्यक्रम 30 प्रवेश क्षमता के साथ प्रारम्भ हुआ। जिसको वर्ष 1986-87 से इलैक्ट्रोनिक्स इंजीनियरिंग डिप्लोमा पाठ्यक्रम 30 में समावेशित कर दिया गया। सत्र 1985-86 से संस्था में द्विवर्षीय डिप्लोमा फार्मेसी पाठ्यक्रम 30 प्रवेश क्षमता के साथ प्रारम्भ किया गया। तथा वर्ष 2002-03 से त्रिवर्षीय सूचना प्रोद्योगिक डिप्लोमा पाठ्यक्रम प्रारम्भ हुआ।

राजकीय पालीटेक्निक लोहाघाट के नाम छमनियां नामक स्थान पर 400 नाली (20 एकड़) भूमि स्वीकृत है जिसका क्षेत्रफल लगभग 8 हेक्टयर है। वर्ष 1990 से संस्था अपने निजि भवनों में स्थानान्तरित हुई। यह संस्था टनकपुर रेलवे स्टेशन से टनकपुर पिथौरागढ़ मोटर मार्ग टनकपुर से 89 किलोमीटर दूरी पर लोहाघाट बाराकोट रोड पर लोहाघाट से 04 किलोमीटर की दूरी पर छमनियां नामक स्थान पर स्थित है जिस पर संस्था के आवासीय एवं अनावासीय आवश्यक भवन निर्मित है।

संस्था में तकनीकी शिक्षा के अन्तर्गत अभियान्त्रिकी जैसे- सिविल, इलैक्ट्रोनिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी जैसे अभियन्त्रण शाखाएं व फार्मेसी की अभियन्त्रण उत्तर शाखा एवं एम. ओ. एम. एण्ड सैकेट्रियल प्रैक्टिस शाखाओं में क्रमशः त्रिवर्षीय व द्विवर्षीय डिप्लोमा प्रदान करने की शिक्षा प्रदान की जाती है। अभियन्त्रण पाठ्यक्रमों का संचालन भारतीय तकनिकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) तथा फार्मेसी पाठ्यक्रम का संचालन भारतीय भेषज परिषद (पीसीआई) द्वारा निर्धारित मानकों के आधार पर किया जाता है। वार्षिक परीक्षाओं तथा प्रवेश परीक्षा का संचालन तथा अघ्ययनोपरान्त पत्रापादिउपधि (डिप्लोमा) प्रदान करने का कार्य उत्तराखण्ड शासन द्वारा गठित उत्तराखण्ड प्राविधिक शिक्षा परिषद, रुड़की द्वारा किया जाता है। इस परिषद का एक और मुख्य कार्य संस्थाओं में विभिन्न अभियन्त्रण शाखाओं के लिए पाठ्यचर्या का निर्धारण व संसोधन भी है जबकि फार्मेसी से सम्बन्धित पाठ्यचर्या का कार्य भारतीय भेषज परिषद (पीसीआई) करती है।

संस्था का शैक्षणिक सत्र माह जुलाई मंे प्रारम्भ होता है और इसके लिये प्रथम वर्ष में प्रवेश हेतु माह मई में उत्तरांचल प्राविधिक शिक्षा परिषद, रूड़की द्वारा राज्य के विभिन्न केन्द्रो पर प्रेवश परीक्षा आयोजित की जाती है । अभियन्त्रण शाखाओं के लिये प्रवेश अर्हता विज्ञान विषयों विशेषतः गणित के साथ हाईस्कूल परीक्षा उत्तीर्ण तथा फार्मेसी के विज्ञान मंे इण्टरमीडिएट उत्तीर्ण है । तथा एम. ओ. एम. एण्ड एस. पी. के लिए इण्टरमीडिएट परीक्षा अंग्रेजी अथवा हिन्दी विषय के साथ उत्तीर्ण है। प्रवेश परीक्षा के परिणाम के आधार पर राज्य स्तरीय केन्द्रित काउन्सिलिंग के द्वारा विभिन्न संस्थाओं को छात्र आबंटित किये जाते हैं तथा इनको संस्था स्तर पर जाँचोपरंात ही प्रवेश दिया जाता है । उत्तराखण्ड राज्य बनने से पूर्व इस संस्था मंे परीक्षाएं वार्षिक आधार पर ही उ0प्र0 प्राविधिक शिक्षा परिषद, लखनऊ द्वारा आयोजित किये जाने का प्राविधान था, परन्तु राज्य बनने के पश्चात भी उत्तराखण्ड प्राविधिक शिक्षा परिषद के अस्तित्व में आने पर भी संक्रमण काल में ये परीक्षाएं वार्षिक आधार पर ही होती रही हैं वर्ष 2004-05 से छात्रों के व्यापक हित व उनके सम्यक ज्ञानवर्धन हेतु यह व्यवस्था सेमेस्टर प्रणाली पर आयोजित किये जाने का प्राविधान है । यह प्रणाली देश के उच्चतर तकनीकी संस्थाओं में सफलतापूर्वक चलाई जाती रही है और इससे छात्रों को अध्यावधिक विषय वस्तु का ज्ञान होता रहता है। वर्तमान सत्र में केवल फार्मेसी पाठ्यक्रम के लिए वार्षिक परीक्षा प्रणाली का प्राविधान है। संस्था में अभियन्त्रण व अभियन्त्रणेत्तर शाखाओं के निम्नांकित पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं